अमावस्या का जादू: 19 जनवरी की रात क्यों है 'डीप स्पेस' को देखने के लिए सबसे खास?
अमावस्या का जादू: 19 जनवरी की रात क्यों है 'डीप स्पेस' को देखने के लिए सबसे खास?
क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी महंगे टेलीस्कोप के भी आप दूसरी आकाशगंगाओं (Galaxies) और चमकीले नेबुला (Nebulae) को देख सकते हैं? अगर आप अंतरिक्ष प्रेमी हैं, तो अपना कैलेंडर मार्क कर लीजिए! 19 जनवरी 2026 की रात साल की सबसे अंधेरी और खूबसूरत रातों में से एक होने वाली है।
इस रात को 'न्यू मून' (New Moon) यानी अमावस्या है, और खगोल विज्ञान की दुनिया में इसे 'डीप स्काई ऑब्जर्वेशन' के लिए 'गोल्डन नाइट' माना जाता है। आइए जानते हैं क्यों!
1. न्यू मून (New Moon) क्या है और यह क्यों खास है?
जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच होता है, तो उसका प्रकाशित हिस्सा हमारी ओर नहीं होता। इसे ही हम अमावस्या कहते हैं।
- फायदा: चाँद की रोशनी (Moonlight) एक तरह का 'प्रकाश प्रदूषण' (Light Pollution) पैदा करती है, जिससे अंतरिक्ष की हल्की रोशनी वाली वस्तुएं छिप जाती हैं।
- अंधेरा ही खूबसूरती है: 19 जनवरी को आसमान पूरी तरह काला होगा, जिससे धूल के बादल, दूर स्थित आकाशगंगाएँ और मरते हुए तारों की चमक (Nebulae) साफ दिखाई देगी।
2. क्या-क्या देख पाएंगे आप इस रात?
अमावस्या की इस रात को आप ब्रह्मांड की इन तीन सबसे प्रसिद्ध वस्तुओं को देख सकते हैं:
क. एंड्रोमेडा गैलेक्सी (Andromeda Galaxy - M31)
यह हमारी 'मिल्की वे' की पड़ोसी आकाशगंगा है।
- दूरी: यह हमसे लगभग 2.5 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर है।
- कैसे देखें: बिना चाँद की रोशनी के, अंधेरी जगह से इसे एक धुंधले धब्बे के रूप में नग्न आँखों से देखा जा सकता है। दूरबीन (Binoculars) से देखने पर इसका अंडाकार आकार साफ नज़र आता है।
ख. ओरियन नेबुला (Orion Nebula - M42)
सर्दियों के आसमान का सबसे खूबसूरत नज़ारा! 'ओरियन' (शिकारी) तारामंडल की तलवार में स्थित यह नेबुला असल में तारों की एक विशाल नर्सरी है जहाँ नए तारे जन्म ले रहे हैं।
- खासियत: अमावस्या की रात इसके गुलाबी और नीले रंग की हल्की झलक भी सादे कैमरे या दूरबीन से देखी जा सकती है।
ग. सप्तर्षि और ध्रुव तारा (Ursa Major & Polaris)
चूँकि आसमान पूरी तरह साफ होगा, आप नक्षत्रों (Constellations) की बारीकियों को देख पाएंगे। तारामंडल के बीच बहती 'मिल्की वे' की धुंधली पट्टी इस रात को सबसे स्पष्ट दिखाई देगी।
3. स्टारगेज़िंग के लिए कुछ जरूरी टिप्स
अमावस्या का पूरा मज़ा लेने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- शहर की लाइटों से दूर जाएं: अगर आप शहर के बीचों-बीच हैं, तो स्ट्रीट लाइट्स के कारण आप डीप स्पेस ऑब्जेक्ट्स नहीं देख पाएंगे। किसी गाँव या ऊँचे पहाड़ी इलाके में जाएं।
- आँखों को 'डार्क एडैप्ट' होने दें: अंधेरे में जाने के बाद कम से कम 20 मिनट तक अपने मोबाइल की स्क्रीन न देखें। आपकी आँखें जब अंधेरे की अभ्यस्त हो जाएंगी, तभी आपको धुंधली आकाशगंगाएँ दिखेंगी।
- रेड लाइट का उपयोग करें: अगर रोशनी की ज़रूरत हो, तो लाल रंग की टॉर्च का इस्तेमाल करें, इससे रात की दृष्टि (Night vision) खराब नहीं होती।
- मोबाइल ऐप्स: 'Star Walk 2' या 'Stellarium' जैसे ऐप्स का उपयोग करें जो आपको आसमान में गैलेक्सी की सही लोकेशन बताएंगे।
4. एस्ट्रो-फोटोग्राफी का सुनहरा मौका
अगर आपके पास एक अच्छा स्मार्टफोन या DSLR है, तो आप 'लॉन्ग एक्सपोजर' (Long Exposure) फोटो ले सकते हैं। बिना चाँद की रोशनी के, कैमरा सेंसर उन प्रकाश की किरणों को पकड़ पाएगा जो लाखों सालों का सफर तय करके हम तक पहुँची हैं।
निष्कर्ष
19 जनवरी की रात केवल एक अंधेरी रात नहीं है, बल्कि यह हमारे ब्रह्मांड की विशालता को महसूस करने का एक झरोखा है। अपनी दूरबीन निकालिए, गर्म कप कॉफी लीजिए और तैयार हो जाइए सितारों के सफर पर निकलने के लिए।
क्या आप 19 जनवरी को आसमान देखने की योजना बना रहे हैं? कमेंट में हमें बताएं कि आप कौन सी आकाशगंगा देखना चाहते हैं!

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