Sun Blast: इंटरनेट और सैटेलाइट पर खतरा | Solar Storm Impact on India
Sun Blast: क्या सूरज का 'महाविस्फोट' ठप कर देगा इंटरनेट और सैटेलाइट? भारत पर क्या होगा असर?
आज के दौर में हम एक पल भी बिना इंटरनेट के रहने की कल्पना नहीं कर सकते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंतरिक्ष में एक ऐसी ताकत है जो पल भर में पूरी दुनिया को 'डार्क एज' (अंधकार युग) में धकेल सकती है? वह ताकत है—Sun Blast या Solar Storm।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सूर्य अपने 11 साल के चक्र के सबसे सक्रिय चरण (Solar Maximum) में है, जिससे उठने वाला सौर तूफान हमारी आधुनिक तकनीक के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
1. क्या होता है Sun Blast (Solar Storm)?
सूरज की सतह पर जब बड़े चुंबकीय विस्फोट होते हैं, तो उनसे अत्यधिक ऊर्जा और चार्ज्ड पार्टिकल्स (Charged Particles) निकलते हैं। इसे Coronal Mass Ejection (CME) कहा जाता है। जब ये कण प्रकाश की गति से पृथ्वी की ओर बढ़ते हैं, तो ये हमारे चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) से टकराते हैं और एक Geomagnetic Storm पैदा करते हैं।
2. सैटेलाइट और इंटरनेट पर कैसे होगा हमला?
सौर तूफान का सबसे बुरा असर अंतरिक्ष में मौजूद Satellites पर पड़ता है:
- GPS और संचार: सैटेलाइट के इलेक्ट्रॉनिक्स खराब होने से GPS फेल हो सकता है, जिससे विमानों और जहाजों का रास्ता भटकने का खतरा रहता है।
- इंटरनेट शटडाउन: समुद्र के नीचे बिछी 'सबमरीन केबल्स' (Submarine Cables) में लगे 'रिपीटर्स' सौर तूफान के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। यदि वे खराब हुए, तो दुनिया भर में 'Internet Apocalypse' (इंटरनेट का महाविनाश) जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
3. भारत पर क्या असर होगा? (Impact on India)
भारत एक तेजी से डिजिटल होती अर्थव्यवस्था है, इसलिए यहाँ असर काफी गहरा हो सकता है:
- डिजिटल भुगतान: अगर इंटरनेट प्रभावित होता है, तो UPI, बैंकिंग और स्टॉक मार्केट पूरी तरह ठप हो सकते हैं।
- पावर ग्रिड फेलियर: सौर तूफान से बिजली की लाइनों में अत्यधिक करंट दौड़ सकता है, जिससे ट्रांसफार्मर जल सकते हैं और पूरे भारत में ब्लैकआउट हो सकता है।
- इसरो (ISRO) के मिशन: भारत के अपने सैटेलाइट्स (जैसे INSAT, GSAT) को सुरक्षित रखने के लिए इसरो को उन्हें 'स्लीप मोड' में डालना पड़ सकता है।
4. क्या पहले कभी ऐसा हुआ है?
जी हाँ, इतिहास में ऐसी घटनाएं दर्ज हैं:
- 1859 का कैरिंगटन इवेंट (Carrington Event): यह अब तक का सबसे शक्तिशाली सौर तूफान था। उस समय बिजली नहीं थी, लेकिन टेलीग्राफ लाइनों में आग लग गई थी और ऑपरेटरों को बिजली के झटके लगे थे।
- 1989 क्यूबेक घटना: कनाडा के एक पूरे शहर की बिजली 9 घंटे के लिए गुल हो गई थी।
5. हम कितने तैयार हैं?
वैज्ञानिक अब 'स्पेस वेदर' (Space Weather) पर बारीकी से नजर रखते हैं। भारत का Aditya-L1 मिशन इसी काम में लगा है। यह सूरज की गतिविधियों पर नजर रखता है ताकि हमें तूफान आने से कुछ घंटे पहले चेतावनी मिल सके और हम अपने कीमती उपकरणों को बचा सकें।
निष्कर्ष (Conclusion)
Sun Blast एक प्राकृतिक आपदा है जिसे हम रोक नहीं सकते, लेकिन हम इसके लिए तैयार रह सकते हैं। हालांकि यह कहना कि कल ही इंटरनेट बंद हो जाएगा, गलत होगा, लेकिन वैज्ञानिकों की चेतावनियों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।

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