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Artemis II Mission में देरी: नासा का ऐतिहासिक चंद्र मिशन 2026 में

NASA Artemis II crewed mission Orion spacecraft lunar flyby 2026
यह चित्र illustrative/AI-generated visualization है, केवल जानकारी के उद्देश्य से।



लेखक: SpaceAlert टीम
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 Artemis II Mission में देरी: नासा 2026 में इंसानों को फिर चंद्रमा की कक्षा में भेजेगा

अंतरिक्ष की दुनिया में ‘आर्टेमिस’ (Artemis) सिर्फ नासा का मिशन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य की दिशा है। 50 वर्षों बाद इंसानों की चंद्रमा की कक्षा में वापसी का सपना अब बेहद करीब है—हालाँकि थोड़ी देरी के साथ।

नासा के ताज़ा अपडेट के अनुसार, Artemis II मिशन, जो पहले 8 फरवरी 2026 के लिए तय था, अब मार्च 2026 की शुरुआत में लॉन्च किए जाने का लक्ष्य रखता है।

लेकिन यह देरी क्यों हुई? यह मिशन इतना अहम क्यों है? और इसके पीछे कौन-सी तकनीक काम कर रही है—आइए विस्तार से समझते हैं।


आर्टेमिस II क्या है?

Artemis II, नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का पहला मानवयुक्त (Crewed) मिशन होगा।

जहाँ Artemis I ने बिना इंसानों के ओरियन कैप्सूल की परीक्षा ली थी, वहीं Artemis II में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा का चक्कर लगाएंगे।

यह मिशन, चंद्रमा पर उतरने वाले Artemis III से पहले का सबसे अहम टेस्ट है, जो यह साबित करेगा कि ओरियन का लाइफ-सपोर्ट सिस्टम गहरे अंतरिक्ष के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।


मिशन के चार ‘हीरो’

रीड वाइसमैन – कमांडर

विक्टर ग्लोवर – पायलट

क्रिस्टीना कोच – मिशन स्पेशलिस्ट

जेरेमी हैनसन – मिशन स्पेशलिस्ट (कनाडा)


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लॉन्च में देरी क्यों? – सुरक्षा सर्वोपरि

नासा के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। देरी के पीछे मुख्य कारण हैं:

🔹 हीट शील्ड की जांच

Artemis I के दौरान ओरियन की हीट शील्ड में अप्रत्याशित क्षरण देखा गया था। 40,000 किमी/घंटा की रफ्तार से वायुमंडल में वापसी के दौरान इसकी परफेक्ट परफॉर्मेंस बेहद ज़रूरी है।

🔹 लाइफ-सपोर्ट सिस्टम

ऑक्सीजन, तापमान नियंत्रण और CO₂ हटाने वाले सिस्टम को 100% भरोसेमंद बनाना अनिवार्य है।

🔹 लॉन्च विंडो और मौसम

मार्च 2026 की शुरुआत में चंद्रमा की स्थिति और मौसम दोनों ज्यादा अनुकूल पाए गए।


10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा

लॉन्च: SLS रॉकेट, केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान

Earth Orbit Check: पहले 24 घंटे सिस्टम टेस्ट

Trans-Lunar Injection: चंद्रमा की ओर प्रस्थान

Lunar Flyby: चंद्रमा के फ़ार साइड के बेहद करीब से गुजरना

वापसी: पृथ्वी पर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन



निष्कर्ष: देरी नहीं, सफलता की तैयारी

फरवरी से मार्च का इंतजार निराशा नहीं, बल्कि सफलता की गारंटी है। Artemis II उस नींव को मजबूत करेगा, जिस पर भविष्य में चंद्रमा पर मानव मौजूदगी और मंगल मिशन संभव होंगे।

अब सवाल यही है—क्या 2026 अंतरिक्ष इतिहास का सबसे यादगार साल बनेगा?


Note: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध खगोलीय जानकारी के आधार पर लिखा गया है और किसी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति का प्रत्यक्ष अनुवाद नहीं है।

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