ISRO START 2026: छात्रों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान में करियर का बड़ा मौका
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| Image: AI Generated / ISRO (For Representational Purpose) |
लेखक: SpaceAlert टीम
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इसरो START 2026: अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाने का सुनहरा मौका, जानें कैसे करें पंजीकरण
भूमिका:
क्या आप ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने के लिए उत्सुक हैं? क्या आप भी इसरो (ISRO) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनकर अंतरिक्ष की गहराइयों को नापना चाहते हैं? यदि हाँ, तो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आपके लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। इसरो ने अपने विशेष कार्यक्रम 'START 2026' (Space Science and Technology Awareness Training) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवाओं और छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में रुचि रखते हैं और अंतरिक्ष विज्ञान में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि START 2026 क्या है, इसके उद्देश्य क्या हैं और आप इसमें कैसे शामिल हो सकते हैं।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
START 2026 (Space Science and Technology Awareness Training – START)
1. क्या है इसरो START 2026 कार्यक्रम?
START का अर्थ है 'Space Science and Technology Awareness Training'। यह इसरो की एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराना है।
2026 के इस सत्र में, इसरो ने इसे और भी आधुनिक और व्यापक बनाया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अंतरिक्ष अन्वेषण, उपग्रह प्रौद्योगिकी, खगोल भौतिकी (Astrophysics), और ग्रहीय विज्ञान (Planetary Science) जैसे विषयों पर सीधे इसरो के वैज्ञानिकों से सीखने का मौका मिलता है।
2. START 2026 के मुख्य उद्देश्य
इसरो ने इस कार्यक्रम की शुरुआत कुछ विशेष लक्ष्यों को ध्यान में रखकर की है:
- जागरूकता फैलाना: युवाओं के बीच अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के प्रति रुचि पैदा करना।
- भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करना: भारत के प्रमुख मिशनों जैसे गगनयान, चंद्रयान-4 और आदित्य-L1 के लिए… अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को प्रेरित करना।
- ज्ञान का प्रसार: इसरो की अत्याधुनिक तकनीकों और मिशनों के बारे में छात्रों को जमीनी स्तर पर जानकारी देना।
- नेटवर्किंग: छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को इसरो के विशेषज्ञों के साथ जुड़ने का मंच प्रदान करना।
3. कौन आवेदन कर सकता है? (Eligibility)
START 2026 मुख्य रूप से निम्नलिखित के लिए है:
- शैक्षणिक संस्थान: कॉलेज, विश्वविद्यालय और स्वायत्त संस्थान जो विज्ञान या इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम चलाते हैं।
- छात्र: भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर विज्ञान और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे विषयों में स्नातक (Undergraduate) या स्नातकोत्तर (Postgraduate) कर रहे छात्र।
- रुचि: ऐसे छात्र जिनकी रुचि विशेष रूप से अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीकी विकास में है।
4. पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (What will you learn?)
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्रों को निम्नलिखित विषयों पर गहन जानकारी दी जाएगी:
- खगोल विज्ञान (Astronomy): तारों, आकाशगंगाओं और ब्रह्मांड की उत्पत्ति का अध्ययन।
- उपग्रह संचार (Satellite Communication): कैसे सैटेलाइट्स डेटा भेजते हैं और मौसम की भविष्यवाणी करते हैं।
- रॉकेट प्रोपल्शन: रॉकेट कैसे काम करते हैं और उन्हें अंतरिक्ष में भेजने के लिए किस तकनीक का उपयोग होता है।
- इसरो के आगामी मिशन: शुक्रयान (Shukrayaan), आदित्य-L1 के नए डेटा और गगनयान मिशन की बारीकियां।
- डेटा विश्लेषण: उपग्रहों से प्राप्त डेटा का वैज्ञानिक उपयोग कैसे किया जाता है।
5. पंजीकरण प्रक्रिया (Registration Process)
पंजीकरण दो चरणों में होता है:
चरण 1: संस्थान का पंजीकरण
सबसे पहले, कॉलेज या विश्वविद्यालय को इसरो के JIGYASA पोर्टल पर जाकर खुद को एक 'नोडल सेंटर' के रूप में पंजीकृत करना होगा। संस्थान को उन सुविधाओं (जैसे इंटरनेट, प्रोजेक्टर और हॉल) का विवरण देना होगा जो वे छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान प्रदान करेंगे।
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चरण 2: छात्रों का पंजीकरण
एक बार जब संस्थान को मंजूरी मिल जाती है, तो उस संस्थान के छात्र START पोर्टल के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: पंजीकरण की अंतिम तिथि और आधिकारिक लिंक के लिए छात्रों को इसरो के आधिकारिक पोर्टल isro.gov.in पर नियमित रूप से नज़र रखनी चाहिए।
6. छात्रों को क्या लाभ होगा?
- प्रमाणपत्र (Certification): कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को इसरो की ओर से एक आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जो उनके करियर और CV के लिए बहुत मूल्यवान होगा।
- वैज्ञानिकों से सीधा संवाद: छात्रों को वेबिनार और लाइव सत्रों के माध्यम से देश के शीर्ष वैज्ञानिकों से सवाल पूछने का मौका मिलेगा।
- संसाधनों तक पहुंच: इसरो द्वारा तैयार की गई विशेष अध्ययन सामग्री और ई-बुक्स तक पहुंच।
- करियर मार्गदर्शन: अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में जानकारी।
7. निष्कर्ष: अंतरिक्ष की ओर भारत के बढ़ते कदम
भारत आज दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों में से एक है। चंद्रयान-3 की सफलता और गगनयान की तैयारी ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। ऐसे में START 2026 जैसे कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं, बल्कि उन्हें देश की सेवा करने और विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
यदि आप एक छात्र हैं या किसी शिक्षण संस्थान से जुड़े हैं, तो इस सुनहरे अवसर को हाथ से न जाने दें। आज ही अपने संस्थान को पंजीकृत करें और अंतरिक्ष की असीम संभावनाओं की यात्रा शुरू करें।
जानकारी आधिकारिक अपडेट्स व सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है।
संदर्भ: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
Website: isro.gov.in

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