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Artemis II: नासा ने चंद्रमा रॉकेट की मरम्मत पूरी की

NASA Artemis II मिशन का SLS रॉकेट और Orion कैप्सूल, इंसानों की चंद्रमा यात्रा से पहले लॉन्च पैड पर
Illustration / Conceptual image (AI-generated)

 

लेखक: SpaceAlert टीम
हम अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और नई अंतरिक्ष तकनीकों पर आधारित विश्वसनीय जानकारी प्रस्तुत करते हैं।

Artemis II: नासा ने पूरी की चंद्रमा रॉकेट की मरम्मत, जानें कब शुरू होगी इंसानों की चाँद की ऐतिहासिक यात्रा

​ब्रह्मांड की गहराइयों को मापने की दिशा में इंसान एक बार फिर इतिहास रचने के करीब है। नासा (NASA) का सबसे महत्वाकांक्षी मिशन, आर्टेमिस II (Artemis II), अब अपने अंतिम चरणों में है। हाल ही में आई एक बड़ी अपडेट के अनुसार, नासा के इंजीनियरों ने रॉकेट में आई तकनीकी खराबी को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया है, जिससे अब चंद्रमा की यात्रा का रास्ता साफ हो गया है।

​अगर आप अंतरिक्ष विज्ञान और भविष्य की तकनीक में रुचि रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं क्या थी वो समस्या और क्यों यह मिशन पूरी दुनिया के लिए इतना खास है।


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​हाइड्रोजन लीक की समस्या और सफल मरम्मत

​बीते 3 फरवरी 2026 को, जब नासा आर्टेमिस II मिशन के लिए "वेट ड्रेस रिहर्सल" (Wet Dress Rehearsal) कर रहा था, तब इंजीनियरों को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। रॉकेट के ईंधन भरने की प्रक्रिया के दौरान एक हाइड्रोजन लीक का पता चला।

​हाइड्रोजन लीक अंतरिक्ष मिशनों में एक गंभीर समस्या मानी जाती है, क्योंकि यह अत्यधिक ज्वलनशील होती है। लेकिन नासा के अनुभवी इंजीनियरों ने दिन-रात काम करके इस लीक को पूरी तरह ठीक कर दिया है। अब स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन कैप्सूल लॉन्च पैड पर अपनी ऐतिहासिक उड़ान के लिए तैयार हैं।

​आर्टेमिस II मिशन क्यों है इतना ऐतिहासिक?

​आर्टेमिस II कोई साधारण अंतरिक्ष मिशन नहीं है। यह 50 से अधिक वर्षों (अपोलो मिशन के बाद) में पहली बार होगा जब इंसान पृथ्वी की कक्षा को छोड़कर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा।

​मिशन की मुख्य बातें:

  • मानवयुक्त यात्रा: इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे।
  • चंद्रमा की परिक्रमा: ये यात्री चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे नहीं, बल्कि चंद्रमा के चारों ओर एक चक्कर लगाकर सुरक्षित पृथ्वी पर वापस आएंगे।
  • भविष्य की नींव: यह मिशन आर्टेमिस III के लिए आधार तैयार करेगा, जिसके तहत पहली बार किसी महिला और अश्वेत व्यक्ति को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा।

​मिलिए उन चार नायकों से (The Crew)

​आर्टेमिस II मिशन के जरिए चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराएंगे:

  1. रीड वाइसमैन (Reid Wiseman): मिशन कमांडर।
  2. विक्टर ग्लोवर (Victor Glover): पायलट।
  3. क्रिस्टीना कोच (Christina Koch): मिशन स्पेशलिस्ट।
  4. जेरेमी हेन्सन (Jeremy Hansen): मिशन स्पेशलिस्ट (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी से)।

​कब होगा लॉन्च? (Launch Schedule)

​मरम्मत पूरी होने के बाद, नासा ने अब अपनी नई टाइमलाइन साझा की है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, आर्टेमिस II के लॉन्च का लक्ष्य नासा के अनुसार, वर्तमान लक्ष्य 2026 की पहली तिमाही है, जो आगे बदल भी सकता है। रखा गया है।

​लॉंच पैड 39B (फ्लोरिडा) से होने वाली यह उड़ान पूरी दुनिया की निगाहों में रहेगी, क्योंकि यह मंगल ग्रह (Mars) पर इंसानों को भेजने के हमारे सपने की पहली बड़ी सीढ़ी है।


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​निष्कर्ष: एक नई शुरुआत

​आर्टेमिस II मिशन का सफल होना विज्ञान और मानवता की एक बड़ी जीत होगी। हाइड्रोजन लीक को ठीक करना नासा की तकनीकी महारत को दर्शाता है। अब बस कुछ ही हफ्तों का इंतजार है, जब हम अपनी आँखों से इंसानों को एक बार फिर चाँद की ओर बढ़ते हुए देखेंगे।

SpaceAlert.space पर हम आपको इस मिशन के लॉन्च की लाइव अपडेट और पल-पल की जानकारी देते रहेंगे।

​आपके विचार क्या हैं?

​क्या आपको लगता है कि 2026 तक इंसान एक बार फिर चाँद पर अपने कदम जमा पाएगा? हमें कमेंट में जरूर बताएं!

यह लेख विश्वसनीय खगोल विज्ञान शोध, NASA/ESA के सार्वजनिक डेटा और peer-reviewed अध्ययनों पर आधारित है।
लेख का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना है।

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