खगोल विज्ञान में ऐतिहासिक खोज: मध्यम-द्रव्यमान ब्लैक होल ने सफेद बौने तारे को नष्ट किया
![]() |
| AI Generated / SpaceAlert.space |
लेखक: SpaceAlert टीम
हम अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और नई अंतरिक्ष तकनीकों पर आधारित विश्वसनीय जानकारी प्रस्तुत करते हैं।
ब्लैक होल के तीव्र गुरुत्वीय बल ने सफेद बौने तारे को पूरी तरह विघटित कर दिया।
ब्रह्मांड रहस्यों से भरा है, लेकिन कभी-कभी वह ऐसे दृश्य दिखा देता है जो विज्ञान जगत को भी हिला देते हैं। हाल ही में University of Hong Kong के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ही अभूतपूर्व ब्रह्मांडीय घटना दर्ज की है, जिसमें एक मध्यम-द्रव्यमान वाले ब्लैक होल ने एक सफेद बौने तारे (White Dwarf Star) को पूरी तरह चीर डाला।
यह विनाशकारी घटना तब हुई जब ब्लैक होल का जबरदस्त गुरुत्वाकर्षण सफेद बौने तारे को अपनी ओर खींच लाया और उसे टुकड़ों में बदल दिया। इस दुर्लभ विस्फोट को वैज्ञानिक भाषा में टाइडल डिस्रप्शन इवेंट (Tidal Disruption Event – TDE) कहा जाता है।
यह भी पढ़ें: क्षुद्रग्रह 2024 YR4: क्या चंद्रमा से होगी टक्कर? NASA की चेतावनी और दुर्लभ खगोलीय घटना
🔭 1. क्या है यह पूरी घटना?
खगोल विज्ञान के इतिहास में पहली बार ऐसे ठोस प्रमाण मिले हैं, जहाँ एक मध्यम-द्रव्यमान वाला ब्लैक होल (Intermediate-Mass Black Hole – IMBH) किसी सफेद बौने तारे को निगलते हुए देखा गया।
यह घटना पृथ्वी से करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर एक दूरस्थ आकाशगंगा में घटी।
जब कोई तारा ब्लैक होल के बहुत पास पहुँच जाता है, तो ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण तारे के आगे और पीछे अलग-अलग तीव्रता से प्रभाव डालता है। इसी अंतर को ज्वारीय बल (Tidal Force) कहा जाता है।
👉 परिणामस्वरूप तारा खिंचकर “स्पेगेटी” जैसा लंबा हो जाता है और फिर फट जाता है।
2. सफेद बौना तारा (White Dwarf) क्या होता है?
इस घटना को समझने के लिए सफेद बौने तारे को जानना ज़रूरी है।
• जब हमारे सूर्य जैसे तारे अपना ईंधन समाप्त कर देते हैं
• तो वे अपनी बाहरी परतें अंतरिक्ष में छोड़ देते हैं
• और अंत में जो बचता है, वह एक अत्यंत सघन और गर्म कोर होता है — यही सफेद बौना है
🔹 आकार में यह पृथ्वी जितना छोटा
🔹 लेकिन द्रव्यमान सूर्य जितना भारी
👉 इतने घने तारे को नष्ट करना सिर्फ़ बेहद शक्तिशाली ब्लैक होल के लिए ही संभव है।
🕳️ 3. मध्यम-द्रव्यमान वाला ब्लैक होल (IMBH): ब्रह्मांड का “लापता लिंक”
अब तक वैज्ञानिक मुख्य रूप से दो प्रकार के ब्लैक होल जानते थे:
1. तारकीय ब्लैक होल (Stellar Black Holes)
– सूर्य से कुछ गुना भारी
2. विशालकाय ब्लैक होल (Supermassive Black Holes)
– आकाशगंगाओं के केंद्र में, अरबों गुना भारी
लेकिन इनके बीच एक रहस्यमयी कड़ी गायब थी —
👉 मध्यम-द्रव्यमान वाले ब्लैक होल (IMBH)
• द्रव्यमान: सूर्य से 100 से 100,000 गुना
• यह खोज इनके अस्तित्व की मज़बूत पुष्टि करती है
इसलिए वैज्ञानिक इसे ब्रह्मांड का “Missing Link” मानते हैं।
![]() |
| AI Generated / SpaceAlert.space (Illustrative Purpose) |
🛰️ 4. वैज्ञानिकों ने इसे कैसे खोजा?
वैज्ञानिकों ने कई अंतरिक्ष वेधशालाओं के डेटा का विश्लेषण किया, जिनमें शामिल हैं:
• James Webb Space Telescope (JWST)
• एक्स-रे अंतरिक्ष वेधशालाएँ
उन्होंने देखा कि एक बिंदु से:
• अचानक अत्यधिक तेज़ रोशनी
• और तीव्र एक्स-रे विकिरण
निकल रहा है।
जब तारे का मलबा ब्लैक होल के चारों ओर Accretion Disk बनाता है, तो वह बेहद गर्म हो जाता है। यही गर्मी तीव्र चमक का कारण बनती है।
📌 गणनाओं से स्पष्ट हुआ कि:
इतनी ऊर्जा केवल तभी संभव है जब कोई सफेद बौना तारा किसी IMBH का शिकार बने।
यह भी पढ़ें: 100 मिलियन साल बाद जागा विशालकाय ब्लैक होल: J1007+3540 बना “ब्रह्मांडीय ज्वालामुखी
🧠 5. इस खोज का वैज्ञानिक महत्व
यह घटना सिर्फ़ एक विस्फोट नहीं, बल्कि विज्ञान के लिए खजाना है:
✔️ ब्लैक होल का विकास
यह समझने में मदद मिलती है कि छोटे ब्लैक होल कैसे बढ़कर विशालकाय बनते हैं।
✔️ आइंस्टीन का सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
(General Relativity) को अत्यधिक गुरुत्वीय परिस्थितियों में परखने का मौका।
✔️ ब्रह्मांडीय मापन
इससे ब्रह्मांड के विस्तार और ऊर्जा वितरण को बेहतर समझा जा सकता है।
🌠 6. निष्कर्ष
University of Hong Kong के वैज्ञानिकों द्वारा दर्ज यह घटना हमें याद दिलाती है कि ब्रह्मांड कितना निर्दयी, रहस्यमय और सुंदर है।
एक सफेद बौने तारे का ब्लैक होल के हाथों नष्ट होना —
👉 प्रकृति के सबसे भयावह लेकिन आकर्षक दृश्यों में से एक है।
जैसे-जैसे James Webb जैसे उन्नत टेलिस्कोप हमारी आँखें बनते जा रहे हैं, भविष्य में हम ब्रह्मांड की ऐसी और भी चौंकाने वाली घटनाओं के साक्षी बनेंगे।
यह लेख वैज्ञानिक शोध व अंतरिक्ष अवलोकनों पर आधारित है। सभी चित्र AI द्वारा निर्मित हैं और केवल प्रतीकात्मक हैं।


कोई टिप्पणी नहीं