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AI और हबल ने खोले ब्रह्मांड के अनदेखे रहस्य

AI ने हबल स्पेस टेलीस्कोप की तस्वीरों में रहस्यमयी ब्रह्मांडीय वस्तुएँ खोजीं
Image: Conceptual illustration (AI-generated)

 

AI ने खोजीं रहस्यमयी ब्रह्मांडीय वस्तुएँ: हबल की तस्वीरों में छिपे ब्रह्मांड के अनसुने राज़

दिनांक: 29/01/2026

द्वारा: [SpaceAlert.space

लेखक: SpaceAlert टीम

हम अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और नई अंतरिक्ष तकनीकों पर आधारित विश्वसनीय जानकारी प्रस्तुत करते हैं।


​ब्रह्मांड, अपनी विशालता और अनंत रहस्यों के साथ, हमेशा से ही मानवजाति के लिए विस्मय और अन्वेषण का स्रोत रहा है। सदियों से, हमने दूरबीनों, उपग्रहों और विभिन्न उपकरणों के माध्यम से इसके कोनों को समझने का प्रयास किया है। लेकिन अब, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की शक्ति के साथ, हम ब्रह्मांड की उन गहराइयों में उतर रहे हैं जहाँ हमारी आँखें पहले कभी नहीं पहुँच पाई थीं। हाल ही में, एक चौंकाने वाली खबर ने खगोल विज्ञान के गलियारों में हलचल मचा दी है: वैज्ञानिकों ने एक नए AI उपकरण का उपयोग करके हबल स्पेस टेलीस्कोप की करोड़ों तस्वीरें से अधिक छवियों को स्कैन किया है और 1,400 से अधिक रहस्यमय ब्रह्मांडीय वस्तुओं की खोज की है, जिन्हें मानव आँखें पहले कभी नहीं देख पाई थीं।

​यह खोज न केवल AI की बढ़ती क्षमताओं का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ब्रह्मांड में अभी भी कितने अनजाने और अज्ञात खजाने छिपे हुए हैं।

​हबल का अमूल्य डेटाबेस: एक नया दृष्टिकोण

​हबल स्पेस टेलीस्कोप, जिसने तीन दशकों से अधिक समय तक ब्रह्मांड की अद्भुत तस्वीरें हमें प्रदान की हैं, खगोल विज्ञान के इतिहास में एक मील का पत्थर है। इसने हमें आकाशगंगाओं के जन्म और मृत्यु, दूर के ग्रहों की खोज और ब्रह्मांड के विस्तार को समझने में मदद की है। हबल ने अरबों-खरबों डेटा बाइट्स और लाखों तस्वीरें एकत्र की हैं, लेकिन इन सभी डेटा को मैन्युअल रूप से विश्लेषण करना मानव क्षमता से परे था। यहीं पर AI ने अपनी असाधारण भूमिका निभाई।

​वैज्ञानिकों ने एक विशेष रूप से प्रशिक्षित न्यूरल नेटवर्क (Neural Network) विकसित किया। यह AI मॉडल उन पैटर्न, अनियमितताओं और विसंगतियों को पहचानने में सक्षम था, जिन्हें मानव मस्तिष्क आसानी से अनदेखा कर सकता है। हबल के विशाल संग्रह से 100 मिलियन से अधिक छवियों को संसाधित करने में AI को अभूतपूर्व गति मिली, एक ऐसा कार्य जिसमें शायद सैकड़ों मानव खगोलविदों को दशकों लग जाते।

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​'अनोखी' वस्तुओं की पहचान: क्या हैं ये रहस्यमय संरचनाएं?

​AI ने जिन 1,400 से अधिक वस्तुओं की पहचान की है, उन्हें 'अनोखी' या 'विसंगतिपूर्ण' (Anomalous) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसका मतलब है कि वे किसी भी ज्ञात खगोलीय वस्तु - जैसे कि तारे, ग्रह, आकाशगंगाएँ, या निहारिकाएँ - के सामान्य वर्गीकरण में फिट नहीं होती हैं। कुछ प्रमुख संभावनाएँ जिन पर वैज्ञानिक विचार कर रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:

  1. अति-दूर की प्रारंभिक आकाशगंगाएँ (Ultra-Distant Early Galaxies): यह संभव है कि इनमें से कुछ वस्तुएँ ब्रह्मांड के बहुत प्रारंभिक चरणों की आकाशगंगाएँ हों, जब वे इतनी छोटी और अविकसित थीं कि हमारी मौजूदा पहचान विधियों से उन्हें देख पाना मुश्किल था। AI, उनके सूक्ष्म हस्ताक्षर और अद्वितीय स्पेक्ट्रल पैटर्न को पकड़ने में सक्षम रहा है।
  2. विलय की प्रक्रिया में आकाशगंगाएँ (Merging Galaxies): दो या दो से अधिक आकाशगंगाओं के टकराने और विलय की प्रक्रिया अविश्वसनीय रूप से जटिल और अराजक होती है। AI ने इन जटिल इंटरैक्शन के दौरान बनने वाली अस्थायी और असामान्य संरचनाओं को पहचाना हो सकता है, जो मानव अवलोकन में केवल धुंधले निशान के रूप में दिखाई देते थे।
  3. एक्जोटिक कॉस्मिक फेनोमेना (Exotic Cosmic Phenomena): ब्रह्मांड अभी भी कई ऐसे रहस्यों से भरा है जिनके बारे में हम जानते भी नहीं हैं। ये वस्तुएँ पूरी तरह से नई प्रकार की ब्रह्मांडीय घटनाएँ हो सकती हैं - जैसे कि डार्क मैटर या डार्क एनर्जी के साथ किसी प्रकार की अज्ञात क्रियाएँ, या फिर ऐसे सुपरमैसिव ब्लैक होल जो अप्रत्याशित तरीकों से पदार्थ को प्रभावित कर रहे हैं।
  4. गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग (Gravitational Lensing) के अद्वितीय मामले: गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग एक ऐसी घटना है जहाँ एक विशाल वस्तु (जैसे आकाशगंगा क्लस्टर) अपने पीछे की दूर की वस्तु से आने वाले प्रकाश को मोड़ देती है, जिससे वह विकृत या कई गुना दिखाई देती है। AI ने गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग के ऐसे दुर्लभ और जटिल मामलों की पहचान की हो सकती है, जो बहुत छोटे पैमाने पर या बहुत अजीब ज्यामिति में हो रहे थे।
  5. ब्लैक होल जेट और आउटफ्लो (Black Hole Jets and Outflows) की नई अभिव्यक्तियाँ: ब्लैक होल अक्सर ऊर्जावान जेट और पदार्थ के आउटफ्लो का उत्सर्जन करते हैं। AI ने इन जेट्स की ऐसी अभिव्यक्तियों को पहचाना हो सकता है जो अप्रत्याशित आकार, तीव्रता या दिशाओं में थीं, या जो बहुत दूर थीं जिन्हें पारंपरिक रूप से पहचानना मुश्किल था।

​AI कैसे काम करता है?

​इस AI मॉडल की सफलता उसके प्रशिक्षण डेटा पर आधारित थी। वैज्ञानिकों ने इसे पहले से ज्ञात ब्रह्मांडीय वस्तुओं - तारों, आकाशगंगाओं, निहारिकाओं, आदि - के लाखों उदाहरणों से प्रशिक्षित किया। इस प्रक्रिया के माध्यम से, AI ने 'सामान्य' ब्रह्मांडीय वस्तुओं की विशेषताओं को सीखा। जब इसे हबल की नई छवियों का विश्लेषण करने के लिए कहा गया, तो इसने उन सभी पैटर्न की पहचान की जो इन 'सामान्य' परिभाषाओं से मेल नहीं खाते थे। इन 'विचलित' पैटर्न को ही AI ने 'अनोखी' वस्तुओं के रूप में झंडी दिखाई।

​यह 'विसंगति का पता लगाने' (Anomaly Detection) की एक क्लासिक AI तकनीक है, लेकिन खगोल विज्ञान के इतने बड़े पैमाने पर इसका सफल अनुप्रयोग अभूतपूर्व है।

​इस खोज के निहितार्थ: ब्रह्मांड को समझने का एक नया युग

  1. ब्रह्मांडीय संरचनाओं की हमारी समझ का विस्तार: इन नई वस्तुओं का अध्ययन करने से हमें ब्रह्मांड की संरचनाओं और प्रक्रियाओं के बारे में हमारी वर्तमान समझ का विस्तार करने में मदद मिलेगी। क्या ये नए प्रकार के तारे हैं? नए प्रकार की आकाशगंगाएँ? या कुछ ऐसा जो हमने कभी सोचा भी नहीं था?
  2. ब्रह्मांड के विकास की समय-रेखा को फिर से लिखना?: यदि इनमें से कुछ वस्तुएँ ब्रह्मांड के प्रारंभिक काल से हैं, तो वे हमें ब्रह्मांड के जन्म और प्रारंभिक विकास के बारे में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर सकती हैं, संभावित रूप से हमारी वर्तमान ब्रह्मांडीय विकास की समय-रेखा को संशोधित कर सकती हैं।
  3. डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्य को सुलझाने में मदद: यदि कुछ वस्तुएँ डार्क मैटर या डार्क एनर्जी से जुड़ी हैं, तो वे हमें इन रहस्यमय ब्रह्मांडीय घटकों को समझने में मदद कर सकती हैं, जो ब्रह्मांड का लगभग 95% हिस्सा बनाते हैं लेकिन जिनके बारे में हम बहुत कम जानते हैं।
  4. AI और वैज्ञानिक खोज का भविष्य: यह सफलता विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी AI के अनुप्रयोगों के लिए दरवाजे खोलती है। चाहे वह चिकित्सा अनुसंधान हो, सामग्री विज्ञान हो, या पृथ्वी विज्ञान हो, AI विशाल डेटासेट में छिपे हुए पैटर्न और विसंगतियों को उजागर करके हमारी खोजों को गति दे सकता है।
क्या इंसानी वैज्ञानिकों की जरूरत खत्म हो जाएगी?
नहीं।
AI केवल एक टूल है। अंतिम निर्णय और व्याख्या अभी भी वैज्ञानिक ही करते हैं।
AI डेटा को तेजी से छान सकता है, लेकिन उसके पीछे का अर्थ समझना इंसानी दिमाग का काम है।

वैज्ञानिक AI और हबल स्पेस टेलीस्कोप डेटा से ब्रह्मांडीय रहस्यों का विश्लेषण करते हुए
Image: Conceptual illustration (AI-generated)



​आगे क्या?

​इस खोज के बाद का अगला कदम इन 1,400 'अनोखी' वस्तुओं में से सबसे दिलचस्प और रहस्यमय को अलग करना है। खगोलविद अब इन वस्तुओं पर अपने सबसे शक्तिशाली दूरबीनों, जैसे कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) को केंद्रित करेंगे। JWST की इन्फ्रारेड क्षमताएँ हमें इन वस्तुओं की रासायनिक संरचना, दूरी और गति के बारे में और भी विस्तृत जानकारी प्रदान कर सकती हैं, जिससे उनके वास्तविक स्वरूप को समझने में मदद मिलेगी।

​इसके अलावा, वैज्ञानिक AI मॉडल को और परिष्कृत करेंगे। भविष्य में, AI को केवल वस्तुओं की पहचान करने के बजाय, उनके संभावित भौतिक गुणों और ब्रह्मांडीय संदर्भों का अनुमान लगाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा सकता है।

​निष्कर्ष

​AI द्वारा हबल की तस्वीरों में 1,400 रहस्यमय ब्रह्मांडीय वस्तुओं की खोज खगोल विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के चौराहे पर एक क्रांतिकारी क्षण का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाता है कि ब्रह्मांड अभी भी अनगिनत रहस्यों से भरा पड़ा है, और हमारी तकनीकी प्रगति हमें उन रहस्यों को एक-एक करके उजागर करने में मदद कर रही है। यह सिर्फ शुरुआत है। जैसे-जैसे AI तकनीकें अधिक परिष्कृत होती जाएंगी, हम ब्रह्मांड के उन कोनों को भी देख पाएंगे जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह एक रोमांचक समय है ब्रह्मांड के अध्ययन के लिए, और हमें इंतजार है कि ये नई खोजी गई वस्तुएँ ब्रह्मांड के बारे में कौन से नए रहस्य उजागर करेंगी।

​ब्रह्मांड की अनन्त यात्रा में AI एक नया मार्गदर्शक बन गया है, जो हमें उस यात्रा पर ले जा रहा है जहाँ मानव आँखें अकेले नहीं पहुँच सकतीं।

Note: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध खगोलीय जानकारी के आधार पर लिखा गया है और किसी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति का प्रत्यक्ष अनुवाद नहीं है।


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