अंतरिक्ष की आवाज़ सुनेगा यह 'महा-कान': ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ ESA का नया डीप स्पेस एंटीना!
अंतरिक्ष की आवाज़ सुनेगा यह 'महा-कान': ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ ESA का नया डीप स्पेस एंटीना!
क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई अंतरिक्ष यान पृथ्वी से अरबों किलोमीटर दूर, जैसे बृहस्पति (Jupiter) या बुध (Mercury) के पास होता है, तो वह हम तक अपनी तस्वीरें और डेटा कैसे भेजता है? अंतरिक्ष की अनंत गहराई में सिग्नल इतने कमजोर हो जाते हैं कि उन्हें पकड़ना लगभग नामुमकिन होता है। लेकिन अब, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने इस मुश्किल को आसान कर दिया है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के न्यू नॉर्सिया (New Norcia) में दुनिया का सबसे आधुनिक डीप स्पेस एंटीना शुरू हो गया है।
आज के इस लेख में हम जानेंगे कि यह एंटीना इतना खास क्यों है और कैसे यह -263°C की ठंडक का उपयोग करके ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाएगा।
1. क्या है यह नया डीप स्पेस एंटीना? (DSA 4)
ESA का यह नया एंटीना, जिसे DSA 4 के नाम से जाना जाता है, एक विशाल डिश है जिसका व्यास (Diameter) 35 मीटर है। यह ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाके में स्थित है क्योंकि वहाँ रेडियो शोर (Radio Noise) बहुत कम होता है। यह ESA के वैश्विक 'ट्रैक' (Estrack) नेटवर्क का चौथा सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
2. क्रायोजेनिक कूलिंग (-263°C) का जादू
इस एंटीना की सबसे बड़ी खासियत इसकी क्रायोजेनिक तकनीक है।
- बेहद ठंडा तापमान: इस एंटीना के रिसीवर को -263°C (लगभग पूर्ण शून्य या Absolute Zero के करीब) तक ठंडा रखा जाता है।
- क्यों है यह जरूरी? अंतरिक्ष से आने वाले सिग्नल इतने कमजोर होते हैं कि एंटीना के अपने उपकरणों की गर्मी भी उन्हें धुंधला कर सकती है। इस भीषण ठंडक की मदद से 'थर्मल नॉइज़' को खत्म कर दिया जाता है, जिससे यह एंटीना ब्रह्मांड के सबसे सूक्ष्म संकेतों को भी एकदम साफ सुन सकता है।
3. किन मिशनों को मिलेगा सहारा?
यह एंटीना केवल एक डिश नहीं है, बल्कि यह भविष्य के कई बड़े मिशनों की 'लाइफलाइन' है:
- JUICE मिशन: जो बृहस्पति (Jupiter) के बर्फीले चंद्रमाओं पर जीवन की खोज कर रहा है।
- BepiColombo: जो सूर्य के सबसे करीबी और गर्म ग्रह, बुध (Mercury) की जांच कर रहा है।
- Euclid: जो ब्रह्मांड के डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
- Artemis: नासा के चंद्रमा मिशनों के दौरान संचार में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
4. यह एंटीना इतना पावरफुल क्यों है?
- सटीकता (Precision): यह एंटीना इतनी सटीक गणना करता है कि लाखों किलोमीटर दूर उड़ रहे यान की स्थिति में कुछ मिलीमीटर का अंतर भी पकड़ सकता है।
- 24/7 निगरानी: चूंकि यह ऑस्ट्रेलिया में स्थित है, यह पृथ्वी के घूमने के दौरान उन हिस्सों को कवर करता है जिन्हें यूरोप या अमेरिका के एंटीना नहीं देख पाते।
- अगली पीढ़ी की तकनीक: यह पुरानी तकनीक के मुकाबले 40% अधिक डेटा ट्रांसफर करने में सक्षम है।
5. आम आदमी के लिए इसका महत्व
आप सोच सकते हैं कि इस एंटीना से हमारा क्या लेना-देना? दरअसल:
- विज्ञान की समझ: अंतरिक्ष यान जो डेटा भेजते हैं, उसी से हमें पता चलता है कि पृथ्वी के बाहर जीवन संभव है या नहीं।
- भविष्य की सुरक्षा: यह एंटीना उन एस्टेरोइड्स (Asteroids) पर नजर रखने में मदद करता है जो भविष्य में पृथ्वी के लिए खतरा बन सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
ESA का यह नया डीप स्पेस एंटीना मानवता की बढ़ती जिज्ञासा का प्रतीक है। -263°C की ठंडक में काम करने वाला यह 'महा-कान' हमें उन अनसुनी कहानियों को सुनने में मदद करेगा जो ब्रह्मांड के सुदूर कोनों में छिपी हैं। अब हम कह सकते हैं कि दूर अंतरिक्ष में मौजूद हमारे रोबोटिक खोजी कभी 'अकेले' नहीं होंगे, क्योंकि पृथ्वी पर उन्हें सुनने के लिए एक बहुत शक्तिशाली दोस्त मौजूद है

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